You are here
Home > Latest news > गुजरात चुनाव : क्या भाजपा के पास कोई मुद्दा है गुजरात चुनाव में ???

गुजरात चुनाव : क्या भाजपा के पास कोई मुद्दा है गुजरात चुनाव में ???

0Shares

गुजरात चुनाव का पहला फेज़ बीत चूका है । लेकिन ऐसा नही लगता की भाजपा ये चुनाव मुद्दों के साथ लड़ रही है । क्युकी प्रधानमंत्री और पूरी भाजपा में से किसीने भी अभी तक, ना ही विकाश की बात की और नाही मुद्दों की बात करती दिखाई दे रही है । क्या पिछले 22 सालो से गुजरात में सत्ता पर बैठी भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है ?

प्रधानमंत्री और भाजपा गुजरात चुनाव से पहले विकाश का प्रचार प्रसार कर रहे थे । लेकिन कांग्रेस के सोशल मीडिया कैंपेन “विकाश पागल हो गया है” और विकाश के मुद्दे पर चुनौती मिलते देख भाजपा अब पूरी तरह से ध्रुवीकरण और गुजरात के बाहर के मुद्दों पे चुनाव लड़ रही है ऐसा लग रहा है । प्रधान मंत्री जी खुद भी अपने सभाओ में अपने मुद्दे छोड़ कांग्रेस नेताओ, अफजल, पाकिस्तान और तमाम दूसरी बातें तो कर रहे है लेकिन गुजरात के विकाश और भविष्य के बारे में कुछ भी नहीं बोल पा रहे है ।

प्रधान मंत्री जी ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के विवादित बयान को जातिगत बना दिया और उसे मुद्दा बना दिया । अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी मणिशंकर के पुराने बयानों को मुद्दा बना लिया है गुजरात चुनाव में । कांग्रेस पार्टी के नेताओ के पुराने बयानों पर राजनीती कर रहे है ।

प्रधामंत्री जी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेताओ के ऊपर नया आरोप लगाया । मणिशंकर के घर हुयी एक पार्टी में पाकिस्तान के राजदूत और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तमाम नेताओ के बीच हुई मुलाकात का जिक्र कर रहे थे । पूर्व पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष के बात को चुनावी मुद्दा बना रहे है ।

भाजपा पिछले 22 सालो से गुजरात में सत्ता में है और इस बार उनके खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोध लहर चल रही है । और गुजरात के कोर वोटर्स पाटीदार भी इस बार भाजपा से कुछ नाराज़ दिख रहे है । दूसरे और अंतिम फेज़ की वोटिंग 14 दिसंबर को होनी है और कल गुजरात चुनाव के प्रचार का अंतिम दिन है । लेकिन इस गुजरात चुनाव में भाजपा अपने सबसे बड़ी चीज़ गुजरात मॉडल गवाती दिखी है ।

इस बार गुजरात चुनाव में कांग्रेस सत्ताविरोधी लहर और आरक्षण विरोधी लहर और उसके नेता हार्दिक पटेल के साथ गुजरात चुनाव जितने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है ।

दोनों पार्टिया एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का एक भी मौका नहीं चूक रही है । गुजरात चुनाव का फैसला 18 दिसंबर हिमांचल प्रदेश के साथ आएगा । लेकिन ये चुनाव दोनों पार्टियों के भविष्य का भी एक चुनाव होगा । क्युकी इस चुनाव का परिणाम कही न कही 2019 लोकसभा के चुनाव पर भी जरूर असर डालेगा ।

Top