You are here
Home > Latest news > नेता बनते बनते बकचोदी करके राखी सावंत बन गये जिग्नेश मेवाणी : आप भी सुन लीजिये

नेता बनते बनते बकचोदी करके राखी सावंत बन गये जिग्नेश मेवाणी : आप भी सुन लीजिये

0Shares

गुजरात चुनाव का परिणाम आ चूका है । भाजपा जीत चुकी है, कांग्रेस हार चुकी है । अब मुख्यमंत्री की खोज चल रही है । चुनाव में सभी नेताओ ने अपने – अपने हिसाब से भाषण दिये, वादे किये लोगो को रिझाने के लिए । कांटे का टक्कर भी हुआ, रुझानों में कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस आगे पीछे होते रहे । लेकिन जैसे – जैसे दिन चढ़ता गया स्थिति साफ़ होती गयी । भाजपा सरकार बचाने में कामयाब रही और कांग्रेस ने भी अपनी सीटे 60 से 80 कर ली । गुजरात के 182 सीटों के विधानभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी 91 सीट भाजपा जीत गयी और कांग्रेस 11 पीछे ही रह गयी । ये तो रहे चुनाव और उसके परिणाम ।

गुजरात चुनाव भाजपा और खासकर नरेंद्र मोदी के लिए नाक की लड़ाई बन गयी थी क्युकी नरेंद्र मोदी को उनके घर से ही चुनौती मिल रही थी तीन युवाओ की तरफ से हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी । ये तीनो लोग अपनी अपनी जातियों का नेतृत्व करते है । मोदी ने भी गुजरात में सरकार और अपनी सांख बचाने के लिए जमकर प्रचार किया और इन तीनो लोगो ने भी उनको हारने के लिए जमकर पसीना बहाया ।

अब बात करते है जिग्नेश मेवाणी की जो पहली बार निर्दलीय विधायक बने है कांग्रेस के सपोर्ट से । ऊना कांड के बाद दलितों में उठे रोष और आंदोलन ने उनको एक नयी पहचान दी जिससे वो मीडिया और जनता के नज़र में आये । भाजपा विरोध की राजनीती करते है, और इसबार वडगाम से 20000 मतों से विजयी हुए है ।

आज ये तीनो लोग ‘आज तक’ के प्रोग्राम में गेस्ट बनकर आये और प्रोग्राम में ही जिग्नेश मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में विवादास्पद और बहुत ही घटिया बयान दे दिया । जवानी और जीत के नशे में प्रधामंत्री जी के बारे में अपमानित भाषा का प्रयोग कर दिया । उनकी बात शब्दशः: –

“मोदी जी के पास अब कहने को कोई कंटेंट ही नहीं बचा है, मानसिक तौर से बूढें हो गये ! अब तो हम युवा आएंगे, राजनीती इस देश के युवा करेंगे, मोदी जी की उमर हो गयी, उनको रिटायर हो जाना चाहिए, उनको हिमालय पर चला जाना चाहिए, अपनी हड्डिया गलाने के लिए, उनको बोलो न अब बहुत बोरिंग आदमी हो गया है ! उनको बोलो न घर जा के आराम करे, रेस्ट करे, अब हम लड़ेंगे ।”

लो भाई अभी जीत मिले डेढ़ दिन भी नहीं हुआ और इनकी भाषा देख लीजिये, कुछ दिन पहले ये लोग विकाश पागल हो गया है ऐसा बोल रहे थे । लेकिन इनकी भाषा देखके तो यही कहा जाएगा की जीत की ख़ुशी में ये भाषा की मर्यादा ही भी भूल बैठे है । अभी नये – नये विधायक बने है, अभी युवा है, सकारात्मक राजनीती के बजाय झूठ मुठ के बयानबाज़ी करने में अपनी ऊर्जा खर्च कर रहे है । सावधान रहिये नेताजी जनता सबसे बड़ी है !

Top