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डॉ. भीमराव आंबेडकर का सनातन धर्म के प्रति सोच

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आज बैठा डॉ• भीमराव अम्बेडकर द्वारा रचित किताब अछूत कौन और कैसे पढ़ रहा था अब 10-15 पेज ही पढा हूँ। कितना जहर भरा है इनके दिमाग मे हिंदुत्व और ब्राम्हणों को ले के ये इनके किताब में स्पष्ट रूप से झलक रहा है।

अम्बेडकर लिखते है कि—–

“हिन्दू सभ्यता बहुत प्राचीन है ये समझ मे आती है और मानी भी जा सकती है लेकिन यह बात समझ मे नही आती कि हिन्दू इसे अनोखी सभ्यता किस आधार पर कहता है । काश! हिन्दू इस बात को समझता कि यह अभिमान करने का नही किंतु लज्जित होने की बात है ।”

अम्बेडकर पुनः लिखते है —…..

“हिन्दू सभ्यता की बुद्धिमता, श्रेष्ठता और पवित्रता में लोगो का जो झूठा विश्वास है उसका मूल कारण हिन्दू विद्वानों का विचित्र समाजिक मानसशास्त्र है”

डॉ• अम्बेडकर द्वारा लिखित ये लाइने दर्शाती है कि उनके दिमाग मे हिंदुत्व के लिए क्या भरा था और यही जहर उन्होंने अपने लेखों और किताबो के जरिये अपने चेलों में भरा ।

वास्तविकता तो यह है कि अम्बेडकर को हिन्दू धर्म के बारे में ज्यादा पता ही नही था। उनके आत्मकथा लेखक ‘धीर’ के अनुसार अम्बेडकर की प्रिय धर्मग्रंथ बाईबिल थी जो शायद उनका प्रेरणा ग्रंथ भी था । और अम्बेडकर को ना ही संस्कृत भाषा की समझ थी,और ना ही सनातन परंपरा का ज्ञान था।

अम्बेडकर ने अपनी किताब शूद्रों की खोज में ज्यादा से ज्यादा रेफरेन्स ‘Jhon muir’ द्वारा लिखित ‘The original Sanskrit text’ पुस्तक के अंशो का देते है। जिसने मात्र 10 साल भारत मे रह कर नौकरी की और इसी समय मे वेदों मनुस्मृति को पढ़ कर उसका सारांश अपनी पुस्तक में लिख देता है। और महाज्ञानी अम्बेडकर जी उस 2 पैसे के लेखक के किताबो का रिफरेंस देते हुए अपनी किताब में एक तरह से हिन्दू धर्म और ब्राम्हणों की आलोचना करते है।

डॉ आंबेडकर जैसे तथाकथित बुद्धिमान को ये समझ मे नही आया की अगर आप वर्तमान को एक ऐसे प्रागैतिहासिक काल के पुस्तको में वर्णित कुछ श्लोकों के आधार पर ( जिसका वो खुद से अनुवाद भी नही कर सकते) वर्णित करना चाहेंगे और उसको किसी और धर्म के फ्रेमवर्क में फिट करेंगे जिसमे वो फिट ही नही बैठ सकता तो आप सदैव दिशा से भटके पड़े रहेंगे।
ये डॉ अम्बेडकर अम्बेडकर के बुद्धिमता को दर्शाता है।

इस पोस्ट को मृत्युञ्जय तिवारी के द्वारा लिखा गया है । जो आज के परिवेश पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अपने दर्द बांया किये है । न्यूज़एरा ने उनके पोस्ट को बिना किसी काट छांट आपके सामने प्रस्तुत किया है । मृत्युञ्जय से संपर्क करने लिए आप saurabh.deoria123@gmail.com पर लिख सकते है

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